देसी घी खाने के फायदे और नुकसान।

हमारे देश में भी सदियों से दहिया मक्खन से बनाए जाते हैं। कहां जाता है कि घी में कितनी विटामिन पाई जाती है की हड्डियों को मजबूत बना देता है। हमारे स्वास्थ्य के लिए भी भी बहुत फायदेमंद होता है। आजकल बाजारों में भी तरह-तरह के मारता वाली भ मिलती है लेकिन घर पर भी बनाई जाए तो उसका स्वाद और फायदा कुछ और ही है। आज से 15 या 20 वर्ष पहले हमारे घरों में दही से भी बनाया जाता था। लेकिन आप दूध से मक्खन निकाल कर के उसे गर्म कर भी बनाया जाता है। गीर गाय और भैंस के अलग-अलग है होता है।
भैंस और गाय के घी में क्या अंतर है,
भैंस का घी देखने में उजला लगता है और इसमें वासा अत्यधिक पाया जाता है। दुबले पतले लोग अपना वजन बढ़ाने के लिए भैंस के घी का प्रयोग करते हैं। भैंस का घी वजन बहुत जल्दी बढ़ा देता है क्योंकि इसमें बहुत ज्यादा फैट पाया जाता है।
गाय का घी।
भैंस के घी के विपरीत गाय के घी में फैट कम मात्रा में पाया जाता है। इसलिए लोग अपना वजन घटाने के लिए गाय के घी का प्रयोग करते हैं। गाय के घी में विटामिन ए प्रचुर मात्रा में पाया जाता है इसलिए गाय का घी खाने से आंख की ज्योति अच्छी रहती है। पुराने समय में 80 वर्ष के व्यक्ति का भी आंख की रोशनी अच्छी रहती थी क्योंकि वह लोग दूध भी ज्यादा खाया करते थे। इसलिए कहा जा सकता है कि गाय की भैंस के घी के अपेक्षा ज्यादा पोस्टिक के और लाभदायक होता है।
घी बनाने का तरीका।
पुराने समय में, पुराने समय में हमारे दादी नानी दूर से दही बनाती थी और फिर दही को मत कर मक्खन निकालती थी। इस मक्खन को इकट्ठा करके रखती थी। जब मखनी क्या दो किलो हो जाता था तब उसे कराई में डालकर गर्म किया जाता था। जब मक्खन पिघलने लगता था तो उसे चूल्हा से उतार कर नीचे रख देते। ठंडा होने पर उसे छानकर किसी बोतल में डाल लेते थे।
अब, इस समय दूध से मक्खन निकाला जाता है और उस मक्खन को कढ़ाई में डालकर गर्म किया जाता है। जब मक्खन पिघलने लगता है तो कढ़ाई को नीचे उतारा कर रख देते हैं। ठंडा होने पर उसे छानकर किसी बोतल में रख लेते हैं। एक बात आप याद रखना दही से घी बनाना और मक्खन से भी बनाने के तरीका सेम ही है लेकिन स्वाद में अंतर पड़ता है। जब दही से घी बनाया जाता था तब उसका स्वाद है बहुत अच्छा लगता था।
घी खाने के फायदे।
1, घी खाने से हमारी हड्डियां मजबूत होती है। अगर हम प्रतिदिन एक चम्मच घी का प्रयोग करें तो हड्डियां बिल्कुल मजबूत हो जाती है।
2, पाचन क्रिया अच्छी रहती है। प्रतिदिन एक चम्मच घी खाने से हमारी पाचन क्रिया अच्छी रहती है।
3, घी खाने से भूख बढ़ता है तथा नींद अच्छी आती है। प्रतिदिन एक चम्मच घी खाने से पाचन क्रिया अच्छा रहता है इसलिए भूख बढ़ जाता है। रात में नींद भी अच्छी आती है क्योंकि पेट साफ रहता है।
4, वजन घटाता है घी, आपको पहले बता चुके हैं कि गाय के घी में फैट कम पाया जाता है इसलिए इसे खाने से वजन घटने लगता है। अगर आपका वजन बहुत ज्यादा है तो प्रतिदिन एक चम्मच घी जरूर खाएं।
घी खाने के नुकसान।
1, गर्भवती महिलाएं शुरुआती दिनों में ना खाएं धी। गर्भवती महिलाओं को भी खाने से परहेज करना चाहिए क्योंकि शुरुआती दिनों में भी खाने से समस्या पैदा हो सकती है।
2, लूज मोशन हो सकता है। सीमित मात्रा से अधिक घी खाने से आपको लूज मोशन की समस्या हो सकती है। इसलिए एक भ खाते समय मात्रा का ध्यान अवश्य रखें।
3, सर्दी के दिनों में ना खाए धी। सर्दी के मौसम में जी से दूरी बनाए रखें क्योंकि आपको कब की समस्या हो सकती है। सर्दी के मौसम में भी खाने से आपके गले में कफ हंसने की समस्या हो सकती है इसलिए सर्दी के मौसम में घी से दूरी बनाए रखें।
घी के आयुर्वेदिक गुण।
तेज से तेज बुखार को ठीक करता है गाय की घी।
शरीर में कितना भी भयंकर बुखार हो एक चम्मच गाय की ही लिलार पर लगाने से फौरन आराम मिल लगता है।
सूखी खांसी का रामबाण इलाज है घी,
अगर किसी को सूखी खांसी हो गया हो तो उसे घी में छुहारा और मिश्री मिलाकर खिलाने से 7 दिनों में सूखी खांसी खत्म हो जाता है।

Jagdish Ray

मैं जगदीश यादव मूल रूप से बिहार के रहने वाला हूं। मैं अपनी इस साइट पर सरकारी नौकरी तथा प्राइवेट नौकरी की जानकारी सबसे पहले देता हूं। रोजगार की जानकारी प्राप्त करने के लिए हमें फॉलो करें क्योंकि नौकरी की खबर सबसे पहले आप तक पहुंच सके।

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