यदि आप चाहते हैं कि बुढ़ापे तक आपके आंखों से साफ दिखाई दे तो अपनाएं ये टिप्स।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार निकट दृष्टि दोष के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मधुमेह के बाद मायोपिया आंखों की सेहत को बहुत नुकसान पहुंचा रहा है। मायोपिया पिरित व्यक्ति को स्पष्ट देखने में परेशानी आती है। आंख की पुतली का आकार बढ़ने से प्रतिबिंब रेटिना पर बनने के बजाय थोड़ा आगे बनता है। ऐसे में दूर की वस्तुएं धुंधली और स्पष्ट दिखती है लेकिन पास की वस्तुएं साफ दिखती है। मायोपिया की समस्या बहुत बढ़ जाने पर मोतियाबिंद या ग्लूकोमा का खतरा बढ़ जाता है।
सजग दिनचर्या जरूरी।
प्रदूषण जोखिम भरे काम किया डिजिटल उपकरणों के प्रयोग पर आपका नियंत्रण नहीं पर अच्छी ऋचा गया से आंखें स्वस्थ रख सकते हैं। कुछ नियम बनाएं जैसे आंखों को संक्रमण से बचाए। स्वच्छ रखें और आंखों की कसरत और संतुलन खान-पान से समझौता न करें।
कम उम्र में मोतियाबिंद।
इन दोनों कम उम्र के लोगों में भी मोतियाबिंद की समस्या देखी जा रही है। इसका एक कारण तो मधुमेह है यह अनुवांशिक भी हो सकता है पर पर्याप्त पोषण का अभाव सूरज की रोशनी के सीधे संपर्क में आना, धूल धुआ आदि भी इसके अन्य कारण हो सकते हैं।
आंखों को स्वस्थ रखने के लिए निम्न टिप्स अपनाएं।
1, यदि आप कंप्यूटर मोबाइल पर काम कर रहे हैं तो विराम के नियम का पालन करें।
2, किताबों या स्क्रीन से आवश्यक दूरी न रखना मायोपिया के खतरे को बड़ा देता है।
3, किसी भी तरह के आई ड्रॉप्स चिकित्सक के परामर्श के बाद ही डाले।
4, आंखों की सेहत के लिए हाइड्रोजन जरुरी है।
5, भरपूर मात्रा में फॉलो और रंगीन या हारे रंग की सब्जियां वाले आहार में एंटी ऑक्सीजन  होते हैं। उन्हें भोजन में नियमित शामिल करें।
6, सूरज की किरणों के प्रभाव और प्रदूषण आदि से बचाव के लिए चश्मा लगाकर बाहर जाएं।
7, मधुमेह नियंत्रण में रखें और उपचार कराएं।
8, आंखों को बैटरियां और अन्य सूक्ष्मजीव से बचने के लिए हाथों को नियमित रूप से धोए।
9, नियमित अंतराल पर आंखों की जांच कराएं। आंखें लाल हो जाती है आंखों में दर्द होता है तो कंप्यूटर विजन सिंड्रोम हो सकता है।

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